हिमाचल की कृत्रिम और प्राकृतिक झीलें – Artificial & Natural Lakes of Himachal Pradesh

Artificial & Natural Lakes of Himachal Pradesh

Artificial & Natural Lakes of Himachal Pradesh – हिमाचल की कृत्रिम और प्राकृतिक झीलें

आज हम हिमाचल की कृत्रिम और प्राकृतिक झीलों के बारे में पढेंगे। इनमें से जो झीलें मानव द्वारा अपने फायदे के लिए पानी को इकट्टा करके बनाई गई है, उन्हें कृत्रिम झीलें कहते है। कुछ झीलें खुद-ब-खुद किसी जगह पर पानी एकत्र होनी की वजह से बनी है और प्राचीन मान्यताओं के द्वारा प्रसिद्ध है। उन्हें प्राकृतिक झीलें कहते है।

महत्वपूर्ण झीलें :

A.  कृत्रिम झीलें : –

  1. गोविन्द सागर: – मानव निर्मित झीलों में सबसे बड़ी यह झील बिलासपुर जिले में स्थित है। इस झील की लम्बाई, लगभग 90 कि.मी. है।
  2. पौंग झील: – व्यास नदी पर कांगड़ा में बनी 42 कि.मी. लम्बी झील है।
  3. पंडोह झील: – मंडी जिले में 14 कि.मी. लम्बी पंडोह नामक स्थान पर स्थित है।

B. प्राकृतिक झीलें :-

क्र. सं. झील क्षेत्र ऊंचाई
1 डल धर्मशाला 2,500 फीट
2 कावेरी कांगड़ा 3,048 फीट
3 सरकुंड या दर्शहर कुल्लू 14,500 फीट
4 नाको किन्नौर 4,000 फीट
5 घदासरू चम्बा 3,000 फीट
6 खजियार चम्बा 2,500 फीट
7 लामा चम्बा 2,700 फीट
8 मणिमहेश चम्बा 4,700 फीट
9 महाकाली चम्बा 3,657 फीट
10 कमरवाह मंडी 2,500 फीट
11 पाराशर मंडी 3,000 फीट
12 रिवालसर मंडी 3,100 फीट
13 कमरूनाग मंडी 3,500 फीट
14 चन्द्रनहान शिमला 4,267 फीट
15 यूनामत्सो शिमला 4,680 फीट
16 चन्द्रताल लाहौल-स्पीति 4,883 फीट
17 सूरजताल लाहौल-स्पीति 4,000 फीट
18 ढेरकरछोह लाहौल-स्पीति 3,500 फीट
19 रेणुका सिरमौर 686 फीट